केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप के तटों पर ऊंची समुद्री लहरों का अलर्ट, अगले 48 घंटे रहें सावधान

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केरल, दक्षिण तमिलनाडु और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति को लेकर अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने 19 और 20 अगस्त के लिए Swell Surge Warning जारी की है। चेतावनी के अनुसार दक्षिणी हिंद महासागर से आने वाली लंबी अवधि की ऊंची समुद्री लहरें केरल और दक्षिण तमिलनाडु के तटों तक पहुंच चुकी हैं और इनका असर 20 अगस्त तक बने रहने की संभावना है।

समुद्र में उठ सकती हैं तेज और ऊंची लहरें

INCOIS के अनुसार दक्षिणी हिंद महासागर से आने वाली हाई-पीरियड स्वेल लहरें तटीय क्षेत्रों में पहुंच रही हैं। ऐसी लहरें सामान्य स्थानीय हवाओं से अलग होती हैं और काफी दूर समुद्र में पैदा होकर लंबी दूरी तय कर तट तक पहुंच सकती हैं। इनके कारण समुद्र में अचानक लहरों का उफान बढ़ सकता है और तटीय इलाकों में पानी आगे तक आने की स्थिति बन सकती है। INCOIS ने विशेष रूप से दक्षिण के तटीय क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।

निचले इलाकों में जलभराव का खतरा

चेतावनी में कहा गया है कि 19 अगस्त की शाम से 20 अगस्त की शाम तक केरल, दक्षिण तमिलनाडु और लक्षद्वीप के निचले तटीय इलाकों में समुद्री पानी के बढ़ने और अस्थायी जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसका असर उन क्षेत्रों में ज्यादा महसूस हो सकता है जो समुद्र के बेहद करीब हैं या जहां जमीन की ऊंचाई कम है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

मछुआरों को विशेष सावधानी की सलाह

समुद्री लहरों के बढ़ने की आशंका को देखते हुए मछुआरों और छोटी नावों से समुद्र में जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। समुद्र की स्थिति सामान्य दिखाई देने के बावजूद लंबी अवधि वाली स्वेल लहरें अचानक तट के पास ज्यादा प्रभाव डाल सकती हैं। इसलिए मछुआरों को स्थानीय समुद्री चेतावनियों और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

समुद्र तटों पर पर्यटन गतिविधियों में सावधानी

अलर्ट के दौरान समुद्र तटों, चट्टानी किनारों और तट के बिल्कुल पास जाने वाले पर्यटकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। तेज लहरों के दौरान सेल्फी लेने, समुद्र में उतरने या पानी के काफी करीब खड़े होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय प्रशासन द्वारा यदि किसी बीच या तटीय क्षेत्र में प्रवेश सीमित किया जाता है तो लोगों को उसका पालन करना चाहिए।

लक्षद्वीप में भी निगरानी जरूरी

केरल और दक्षिण तमिलनाडु के अलावा लक्षद्वीप के द्वीपों पर भी स्वेल सर्ज का असर पड़ने की संभावना जताई गई है। द्वीपों में समुद्र और आबादी के बीच दूरी कई जगह कम होने के कारण अचानक बढ़ती लहरें तटीय क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को समुद्र की स्थिति पर लगातार नजर रखनी चाहिए।

बारिश के साथ बढ़ सकती है परेशानी

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार केरल और लक्षद्वीप में 19-20 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना भी है। ऐसे में समुद्री लहरों के अलर्ट के साथ बारिश की स्थिति तटीय क्षेत्रों में परेशानी बढ़ा सकती है।

क्या है Swell Surge?

Swell Surge को आमतौर पर Kallakkadal घटना से भी जोड़ा जाता है। इसमें दूर समुद्र में पैदा हुई ऊर्जावान लहरें बिना किसी बड़े स्थानीय तूफान के तट तक पहुंचती हैं और अचानक समुद्र का पानी तटीय इलाकों की ओर बढ़ सकता है। INCOIS ऐसे समुद्री घटनाक्रमों की निगरानी के लिए समुद्री मॉडल, बुआ और वास्तविक समय के समुद्री आंकड़ों का इस्तेमाल करता है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

फिलहाल सबसे जरूरी सलाह यही है कि केरल, दक्षिण तमिलनाडु और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में रहने वाले लोग अगले 48 घंटे समुद्र के पास अनावश्यक रूप से जाने से बचें। मछुआरे समुद्र में जाने से पहले स्थानीय चेतावनी जरूर देखें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी किसी अचानक समुद्री पानी के बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थान की ओर जाने के लिए तैयार रहना चाहिए।

कुल मिलाकर, 19 से 20 अगस्त के दौरान दक्षिण भारत और लक्षद्वीप के कुछ तटीय हिस्सों में समुद्री लहरों के बढ़ने की संभावना है। यह चेतावनी विशेष रूप से निचले तटीय इलाकों, मछुआरों और समुद्र के पास गतिविधियां करने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। स्थिति पर नजर रखना और आधिकारिक समुद्री एवं मौसम चेतावनियों का पालन करना सबसे सुरक्षित कदम रहेगा।

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