भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को सतर्क रहने तथा आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी है। लगातार बारिश के कारण जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और भूस्खलन जैसी स्थितियां बनने की आशंका जताई गई है।
राजस्थान के कई जिलों में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। जयपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका को लेकर स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में पूर्वी और मध्य भागों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और आसपास के जिलों में तेज वर्षा होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है। जलभराव वाले क्षेत्रों में नगर निकायों को विशेष तैयारी रखने को कहा गया है।
मध्य प्रदेश में भी मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। भोपाल, जबलपुर, रीवा, सागर और अन्य जिलों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार वर्षा से छोटे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

महाराष्ट्र में विशेष रूप से विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मुंबई और आसपास के तटीय क्षेत्रों में भी रुक-रुक कर तेज बारिश हो सकती है। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है और तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। भारी बारिश के कारण स्थानीय यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए लोगों से यात्रा से पहले मौसम और ट्रैफिक अपडेट देखने की अपील की गई है।
पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने संवेदनशील गांवों और नदी किनारे बसे इलाकों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। कई स्थानों पर राहत दलों को पहले से तैनात किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण मानसून सक्रिय बना हुआ है। यही वजह है कि देश के कई हिस्सों में व्यापक वर्षा देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों ने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है क्योंकि समय रहते सतर्कता बरतने से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों में दूषित पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। लोगों से साफ पानी पीने, भोजन को सुरक्षित रखने और किसी भी स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है।
फिलहाल IMD स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और समय-समय पर नए मौसम बुलेटिन जारी कर रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक मौसम जानकारी पर भरोसा करें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। भारी बारिश के दौरान सतर्कता, सुरक्षित आवागमन और समय पर सूचना ही सबसे प्रभावी बचाव मानी जा रही है।