“अगर DNA इंसान का मैनुअल है, तो हमने अभी उसका एक बड़ा नया वॉल्यूम खोला है।” विज्ञान जगत में इन दिनों यह वाक्य तेजी से चर्चा में है। हालिया आनुवंशिक शोधों ने मानव DNA की समझ को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जीनोम के उन हिस्सों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है जिन्हें पहले कम समझा गया था। यह खोज भविष्य में बीमारियों की पहचान, व्यक्तिगत चिकित्सा, जैव प्रौद्योगिकी और मानव विकास को समझने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

मानव शरीर की लगभग हर कोशिका में DNA मौजूद होता है। यही वह जैविक निर्देश-पुस्तिका है जो तय करती है कि शरीर कैसे विकसित होगा, कोशिकाएं कैसे काम करेंगी और कई शारीरिक गुण कैसे बनेंगे। वर्षों तक वैज्ञानिक मुख्य रूप से जीनों पर ध्यान केंद्रित करते रहे, लेकिन अब शोध का फोकस DNA के उन क्षेत्रों पर भी बढ़ रहा है जो जीनों के नियंत्रण और उनकी सक्रियता को प्रभावित करते हैं।
DNA से mRNA बनने की प्रक्रिया को समझना इस नई खोज की बुनियाद है। कोशिका में किसी जीन की जानकारी पहले RNA में कॉपी होती है, फिर उससे प्रोटीन बनते हैं। यही नियंत्रित प्रक्रिया शरीर की अधिकांश जैविक गतिविधियों को संचालित करती है।