भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रहने की संभावना है। एशियाई बाजारों में लगातार मजबूती और गिफ्ट निफ्टी में बढ़त के संकेतों ने निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर कोई बड़ा नकारात्मक घटनाक्रम नहीं होता है, तो घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल बना रह सकता है। खासकर बैंकिंग, आईटी, ऑटो और कैपिटल गुड्स सेक्टर के शेयर निवेशकों के रडार पर रहेंगे।
पिछले कुछ दिनों से विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियों और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की लगातार खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है। इसके अलावा, कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों की शुरुआत होने वाली है, जिससे निवेशकों की नजर कॉर्पोरेट आय पर भी बनी हुई है। अच्छे नतीजे देने वाली कंपनियों के शेयरों में तेज़ी देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में अमेरिकी ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर इंडेक्स की चाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता बनी रहती है, तो सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नए स्तर छू सकते हैं। वहीं, छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ने की उम्मीद है।
हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए निवेशकों को अफवाहों के आधार पर निवेश करने से बचना चाहिए और केवल मजबूत बुनियादी आधार, बेहतर वित्तीय प्रदर्शन तथा लंबी अवधि की संभावनाओं वाली कंपनियों में ही निवेश करना चाहिए। वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि लंबी अवधि का निवेश आज भी सबसे सुरक्षित और बेहतर रणनीति है।
बाजार विश्लेषकों का यह भी कहना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेश का रुख और वैश्विक आर्थिक संकेतक बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को हर खबर पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश का फैसला लेना चाहिए।

भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर नए जोश के साथ कारोबार की शुरुआत करने की तैयारी में है। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है, जिसके चलते आज बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिल सकता है। खासकर बैंकिंग, आईटी, ऑटो और ऊर्जा सेक्टर के शेयर निवेशकों के फोकस में रहेंगे। यदि शुरुआती कारोबार में विदेशी निवेशकों का रुख सकारात्मक रहता है, तो प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। जिन कंपनियों का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहेगा, उनके शेयरों में तेजी आने की संभावना है। वहीं, कमजोर नतीजों वाली कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों की नजर विदेशी निवेश, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम पर भी बनी रहेगी।
बाजार जानकारों का कहना है कि मौजूदा समय में सोच-समझकर और लंबी अवधि की रणनीति के साथ किया गया निवेश बेहतर रिटर्न दे सकता है। जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचते हुए मजबूत वित्तीय स्थिति और बेहतर ग्रोथ वाली कंपनियों का चयन करना निवेशकों के लिए अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है।