भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को कारोबार की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ की। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty दोनों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं दिखा और निवेशक फिलहाल सावधानी के साथ कारोबार करते नजर आए। Nifty 50 ने 24,280 के स्तर के आसपास मजबूती दिखाई, जो बाजार के लिए एक अहम तकनीकी स्तर माना जा रहा है। हालांकि, शुरुआती तेजी के बावजूद बाजार में पूरी तरह से भरोसा लौटता हुआ नहीं दिख रहा है।
गुरुवार के कारोबार में भारतीय बाजार को अच्छी राहत मिली थी। Nifty 50 करीब 0.64 फीसदी की बढ़त के साथ 24,231.85 पर बंद हुआ था, जबकि Sensex 628.04 अंक चढ़कर 77,537.72 के स्तर पर पहुंचा। खास बात यह रही कि Nifty ने लगातार सात कारोबारी सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा। Sensex ने भी लगातार चार सत्रों की कमजोरी के बाद वापसी की थी।

आज के कारोबार में 24,280 का स्तर बाजार के लिए काफी महत्वपूर्ण है। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार Nifty को इस स्तर के ऊपर टिकने के लिए लगातार खरीदारी की जरूरत होगी। अगर इंडेक्स मजबूती के साथ इस क्षेत्र के ऊपर बना रहता है, तो आने वाले सत्रों में 24,300 से 24,350 की तरफ बढ़ने की उम्मीद मजबूत हो सकती है। दूसरी ओर, अगर Nifty इस स्तर को बनाए रखने में असफल रहता है तो बाजार में फिर से बिकवाली देखने को मिल सकती है।
बाजार की दिशा पर वैश्विक संकेतों का भी असर बना हुआ है। अमेरिका में गुरुवार को प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक कमजोरी के साथ बंद हुए। बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। एशियाई बाजारों में भी शुक्रवार सुबह मिलाजुला से कमजोर रुख देखने को मिला। ऐसे माहौल में भारतीय बाजार में भी निवेशक बड़े दांव लगाने से पहले वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 93 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ था। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से महंगाई, कंपनियों की लागत और देश के व्यापार संतुलन पर दबाव पड़ सकता है। यही वजह है कि महंगे क्रूड के बीच शेयर बाजार में निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।
दूसरी ओर, बाजार में कुछ सकारात्मक संकेत भी हैं। गुरुवार की तेजी ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी है और कई सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली थी। IT और वित्तीय शेयरों में भी सुधार ने बाजार को सहारा दिया। हालांकि, पिछले कुछ सत्रों की कमजोरी को देखते हुए निवेशक अभी भी चुनिंदा शेयरों पर ही ध्यान दे रहे हैं।
शुक्रवार के कारोबार में निवेशकों की नजर विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, रुपये की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर रहेगी। इसके अलावा कंपनियों से जुड़ी खबरें और सेक्टर आधारित गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा माहौल में जल्दबाजी के बजाय जोखिम को ध्यान में रखकर कारोबार करना बेहतर हो सकता है।
कुल मिलाकर, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही, लेकिन इसे अभी मजबूत तेजी की वापसी के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी। Nifty के लिए 24,280 के ऊपर टिकना आने वाले समय में काफी अहम रहेगा। अगर खरीदारी का समर्थन बना रहता है तो बाजार धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ सकता है, जबकि इस स्तर से नीचे कमजोरी आने पर निवेशकों को फिर दबाव का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आज का कारोबार उतार-चढ़ाव भरा रहने की संभावना है।