अगस्त और सितंबर 2026 में स्कूली बच्चों के लिए त्योहारों के कारण कई छुट्टियां आने वाली हैं। रक्षाबंधन, ईद-ए-मिलाद, ओणम, जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी जैसे त्योहार इस दौरान पड़ रहे हैं। हालांकि, सबसे जरूरी बात यह है कि पूरे देश में स्कूलों की छुट्टियों का एक जैसा कैलेंडर नहीं होता। राज्य सरकार, शिक्षा विभाग, स्कूल बोर्ड और संबंधित स्कूल अपने हिसाब से अवकाश तय कर सकते हैं। इसलिए किसी तारीख को छुट्टी होने की अंतिम पुष्टि स्कूल के आधिकारिक नोटिस से करना बेहतर रहेगा।
26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद और ओणम
26 अगस्त 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में ईद-ए-मिलाद और ओणम जैसे अवसर हैं। ईद-ए-मिलाद कई राज्यों और सरकारी संस्थानों में अवकाश के रूप में मनाया जाता है, लेकिन हर स्कूल में छुट्टी होना जरूरी नहीं है। इसी दिन केरल में ओणम का प्रमुख दिन भी है। केरल के स्कूलों में इस त्योहार के कारण छुट्टी या लंबा ब्रेक देखने को मिल सकता है।
28 अगस्त को रक्षाबंधन
रक्षाबंधन 2026 में शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा। यह भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ा प्रमुख त्योहार है और कई राज्यों में स्कूलों के कैलेंडर में इस दिन अवकाश रखा जाता है। हालांकि, कुछ जगहों पर इसे प्रतिबंधित या स्थानीय अवकाश के रूप में रखा जा सकता है। इसलिए बच्चों और अभिभावकों को अपने स्कूल की छुट्टी की पुष्टि जरूर करनी चाहिए।
4 सितंबर को जन्माष्टमी
सितंबर की शुरुआत भी छात्रों के लिए खास रहने वाली है। 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। केंद्रीय अवकाश सूचियों में भी यह तारीख दर्ज है और कई राज्यों में स्कूलों में जन्माष्टमी के अवसर पर छुट्टी रहती है। हालांकि, स्कूल बंद करने का फैसला स्थानीय शिक्षा विभाग या स्कूल प्रबंधन के कैलेंडर पर निर्भर करेगा।

14 सितंबर को गणेश चतुर्थी
इसके बाद 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का त्योहार आएगा। महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में यह बड़ा त्योहार है और यहां स्कूलों में छुट्टी की संभावना ज्यादा रहती है। दूसरे राज्यों में यह अवकाश स्थानीय परंपरा और स्कूल के कैलेंडर के अनुसार अलग हो सकता है।
क्या लगातार छुट्टियों का फायदा मिलेगा?
त्योहारों की तारीखों को देखकर ऐसा लग सकता है कि अगस्त के आखिरी सप्ताह और सितंबर की शुरुआत में बच्चों को लगातार छुट्टियां मिलेंगी। लेकिन ऐसा हर राज्य या हर स्कूल में जरूरी नहीं है। कुछ स्कूल त्योहार के दिन ही बंद रहते हैं, जबकि कुछ संस्थान स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त अवकाश दे सकते हैं। वहीं कुछ स्कूल छुट्टी की भरपाई के लिए दूसरे दिन कक्षाएं भी रख सकते हैं।
अभिभावक इन बातों का रखें ध्यान
छुट्टियों को लेकर सोशल मीडिया या दूसरे स्रोतों पर चल रही किसी भी सूची को अंतिम न मानें। स्कूल की वेबसाइट, व्हाट्सऐप ग्रुप, डायरी या आधिकारिक सर्कुलर में दी गई जानकारी को प्राथमिकता दें। खासकर अगर परिवार ने त्योहार के दौरान यात्रा की योजना बनाई है, तो टिकट बुक करने से पहले स्कूल की छुट्टी की पुष्टि करना समझदारी होगी।
इसके अलावा बारिश या खराब मौसम के कारण भी कुछ क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन स्कूल बंद करने का फैसला कर सकता है। ऐसी छुट्टियां पहले से तय त्योहारों वाली छुट्टियों से अलग होती हैं और इनका फैसला परिस्थितियों को देखकर किया जाता है।
कुल मिलाकर अगस्त के अंतिम दिनों से सितंबर तक छात्रों के लिए त्योहारों के कारण कई संभावित छुट्टियां सामने आ रही हैं। 26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद और ओणम, 28 अगस्त को रक्षाबंधन, 4 सितंबर को जन्माष्टमी और 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी प्रमुख तारीखें हैं। लेकिन छुट्टी की वास्तविक स्थिति राज्य और स्कूल के अनुसार बदल सकती है। इसलिए बच्चों और अभिभावकों के लिए सबसे सही तरीका यही है कि अपनी संस्था के आधिकारिक कैलेंडर को जरूर चेक करें