नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 की सप्लीमेंट्री प्रैक्टिकल परीक्षाओं 2026 को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड के अनुसार, जिन छात्रों को सप्लीमेंट्री परीक्षा के तहत प्रैक्टिकल या आंतरिक मूल्यांकन पूरा करना है, उनके लिए प्रैक्टिकल परीक्षाएं 29 जुलाई से 04 अगस्त 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्धारित समयसीमा के भीतर परीक्षा प्रक्रिया पूरी करने और अंक समय पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
सीबीएसई द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, केवल पात्र छात्र ही इन प्रैक्टिकल परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे। संबंधित स्कूलों को छात्रों की सूची सत्यापित करने, परीक्षा की तिथि तय करने और परीक्षाओं का आयोजन बोर्ड के नियमों के अनुरूप करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान सभी निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। स्कूलों को प्रयोगशालाओं में आवश्यक उपकरण, रिकॉर्ड, उपस्थिति रजिस्टर और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां आवश्यक होगा, वहां बाहरी परीक्षक (External Examiner) की नियुक्ति भी बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा की तिथि और समय की जानकारी अपने स्कूल से समय रहते प्राप्त कर लें। परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड, स्कूल पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपने साथ अवश्य रखें। निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र या विद्यालय पहुंचना भी जरूरी होगा ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
सीबीएसई ने स्कूलों को यह भी निर्देश दिया है कि प्रैक्टिकल परीक्षाओं के अंक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर तय समयसीमा के भीतर अपलोड किए जाएं। यदि कोई विद्यालय समय पर अंक अपलोड नहीं करता है, तो इसके लिए संबंधित संस्था स्वयं जिम्मेदार होगी। बोर्ड ने समयबद्ध प्रक्रिया पूरी करने पर विशेष बल दिया है ताकि परिणाम घोषित करने में किसी प्रकार की देरी न हो।

प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसमें प्रयोगात्मक कार्य, रिकॉर्ड फाइल, परियोजना कार्य (यदि लागू हो), मौखिक परीक्षा (Viva Voce) और विषय विशेष के अन्य मूल्यांकन मानदंड शामिल हो सकते हैं। मूल्यांकन पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लीमेंट्री परीक्षा उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अवसर होती है जो मुख्य परीक्षा में किसी विषय में सफल नहीं हो पाए या जिनका प्रैक्टिकल मूल्यांकन अधूरा रह गया था। ऐसे विद्यार्थियों को इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए अच्छी तैयारी करनी चाहिए ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने विषयों के प्रैक्टिकल रिकॉर्ड, लैब मैनुअल और संबंधित अवधारणाओं का अच्छी तरह अभ्यास करें। विज्ञान विषयों के छात्रों को प्रयोगों की प्रक्रिया, अवलोकन और निष्कर्षों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जबकि अन्य विषयों के विद्यार्थियों को भी अपने पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी करने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा स्कूलों से कहा गया है कि परीक्षा के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और बोर्ड के निर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कुल मिलाकर, CBSE कक्षा 12 सप्लीमेंट्री प्रैक्टिकल परीक्षा 2026 का आयोजन 29 जुलाई से 04 अगस्त के बीच किया जाएगा। बोर्ड द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए स्कूल परीक्षा आयोजित करेंगे और निर्धारित समय के भीतर अंक अपलोड करेंगे। छात्रों के लिए यह अपनी शैक्षणिक प्रगति को बेहतर बनाने और परीक्षा में सफलता प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसलिए सभी अभ्यर्थियों को समय पर तैयारी पूरी कर बोर्ड के निर्देशों का पालन करना चाहिए।