वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वंदे भारत से जयपुर पहुंचीं, छात्रों और युवा मीडिया पेशेवरों से की बातचीत

  • Reading time:2 mins read
  • Post comments:0 Comments
You are currently viewing वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वंदे भारत से जयपुर पहुंचीं, छात्रों और युवा मीडिया पेशेवरों से की बातचीत

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हाल ही में वंदे भारत एक्सप्रेस से जयपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने छात्रों और युवा मीडिया पेशेवरों से संवाद किया। यह यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें युवाओं के साथ सीधे संवाद, करियर, अर्थव्यवस्था और मीडिया की बदलती भूमिका पर खुलकर चर्चा भी शामिल रही।

जयपुर पहुंचने पर वित्त मंत्री का स्वागत स्थानीय प्रशासन और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने किया। इसके बाद उन्होंने एक संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसमें कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र, पत्रकारिता के विद्यार्थी तथा डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पेशेवर मौजूद थे।

कार्यक्रम के दौरान निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। उन्होंने छात्रों से नई तकनीक, नवाचार और उद्यमिता की ओर आगे बढ़ने का आग्रह किया। उनके अनुसार आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक प्रगति में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहने वाली है।

उन्होंने वंदे भारत ट्रेन यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक परिवहन ढांचा केवल सुविधा नहीं देता, बल्कि राज्यों के बीच संपर्क, व्यापार और पर्यटन को भी गति देता है। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से क्षेत्रीय विकास को मजबूती मिलती है और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होते हैं।

छात्रों ने रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े सवाल पूछे। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों, डिजिटल शिक्षा और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से केवल नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने की मानसिकता विकसित करने की अपील की।

मीडिया से जुड़े युवाओं के साथ बातचीत में उन्होंने जिम्मेदार पत्रकारिता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सूचना बहुत तेजी से फैलती है, इसलिए तथ्य जांच, विश्वसनीयता और संतुलित रिपोर्टिंग पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उनके अनुसार मीडिया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है और युवाओं को इस भूमिका को गंभीरता से निभाना चाहिए।

संवाद का माहौल औपचारिक कम और बातचीत जैसा अधिक रहा। कई छात्रों ने वित्त मंत्री के साथ सेल्फी ली और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर के नेता से सीधे सवाल पूछने का अवसर मिलना प्रेरणादायक लगा।

निर्मला सीतारमण ने शिक्षा और कौशल के बीच संतुलन की भी बात की। उन्होंने कहा कि केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है; संचार कौशल, तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान क्षमता और टीमवर्क जैसी क्षमताएं भी करियर में सफलता दिलाती हैं। उन्होंने युवाओं को लगातार सीखते रहने की सलाह दी।

कार्यक्रम में राजस्थान के विकास, पर्यटन और निवेश संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्थान में पर्यटन, हस्तशिल्प, नवीकरणीय ऊर्जा और सेवा क्षेत्र में बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने स्थानीय प्रतिभा को इन क्षेत्रों में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया।

युवा मीडिया पेशेवरों ने डिजिटल कंटेंट, सोशल मीडिया और स्वतंत्र पत्रकारिता से जुड़े मुद्दे उठाए। इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि तकनीक ने मीडिया को लोकतांत्रिक बनाया है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। उन्होंने गलत सूचना और अफवाहों से सावधान रहने की आवश्यकता बताई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के संवाद कार्यक्रम युवाओं और नीति निर्माताओं के बीच दूरी कम करने में मदद करते हैं। सीधे संवाद से युवाओं को सरकार की सोच समझने का मौका मिलता है, वहीं नेताओं को भी नई पीढ़ी की अपेक्षाओं और चुनौतियों का बेहतर अंदाजा मिलता है।

वंदे भारत से यात्रा करने के फैसले को भी प्रतीकात्मक रूप से देखा जा रहा है। हाल के वर्षों में सरकार आधुनिक रेल नेटवर्क को देश के विकास मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा बताती रही है। तेज, आरामदायक और आधुनिक ट्रेन सेवाओं को नई भारत की बुनियादी ढांचा दृष्टि से जोड़कर देखा जाता है।

फिलहाल जयपुर यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू युवाओं के साथ हुआ खुला संवाद रहा। छात्रों और युवा मीडिया पेशेवरों के साथ बातचीत ने कार्यक्रम को केवल सरकारी आयोजन से आगे बढ़ाकर प्रेरणादायक संवाद का रूप दे दिया। इससे यह संदेश गया कि नीति निर्माण और राष्ट्रीय विकास की चर्चा में युवाओं की भागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।

Leave a Reply