देश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और मौसम विभाग ने 19 राज्यों में भारी बारिश तथा तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। कई राज्यों में अगले 24 से 72 घंटों के दौरान तेज बारिश के साथ 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी आने के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं। इसका असर उत्तर, पूर्व, मध्य और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, असम, मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा सहित कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तटीय और खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि ऊंची लहरें और तेज हवाएं जोखिम बढ़ा सकती हैं।

भारी बारिश का सबसे अधिक असर निचले इलाकों में देखने को मिल सकता है। शहरी क्षेत्रों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में देरी की संभावना जताई गई है। कई नगर निगमों ने जलनिकासी व्यवस्था की निगरानी बढ़ा दी है और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है।
पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। यात्रियों से कहा गया है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करें और नदी-नालों के पास जाने से बचें।
कृषि क्षेत्र पर भी मौसम का असर पड़ सकता है। लगातार बारिश से धान और अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलने की संभावना है, लेकिन अत्यधिक वर्षा से खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है। कृषि विभाग ने किसानों को जलनिकासी की व्यवस्था मजबूत रखने और मौसम सलाह का पालन करने को कहा है।
राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों ने स्कूलों, कॉलेजों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। कुछ जिलों में जरूरत पड़ने पर स्कूल बंद रखने का निर्णय स्थानीय प्रशासन ले सकता है। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को बारिश के मौसम में फैलने वाली बीमारियों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। दूषित पानी से होने वाले संक्रमण, डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार के मामलों में वृद्धि की आशंका को देखते हुए साफ पानी पीने और आसपास पानी जमा न होने देने पर जोर दिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाओं के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों, होर्डिंग्स और बिजली के तारों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी बारिश और तेज हवा के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी गई है क्योंकि दृश्यता कम हो सकती है।
रेलवे और हवाई अड्डा प्रबंधन ने भी मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखी है। भारी बारिश और तेज हवा के कारण कुछ उड़ानों और ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ सकता है। यात्रियों से यात्रा से पहले सेवा की स्थिति जांचने को कहा गया है।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी राज्यों में एक जैसी स्थिति नहीं होगी। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि कुछ क्षेत्रों में मध्यम वर्षा दर्ज हो सकती है। फिर भी व्यापक स्तर पर सतर्कता बनाए रखना जरूरी है क्योंकि मौसम तेजी से बदल सकता है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता जनहानि रोकना और आवश्यक सेवाओं को सामान्य बनाए रखना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें और किसी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन से संपर्क करें।
देशभर में जारी यह व्यापक मौसम अलर्ट संकेत देता है कि मानसून का यह चरण काफी सक्रिय रहने वाला है। आने वाले कुछ दिन कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, इसलिए सावधानी, सतर्कता और समय पर जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव साबित होगी।